सत्यवीर सिंह कुशवाह. बिलासपुर में कोरोना संक्रमित लोगों का आंकड़ा कम क्यों है। यह इस बात से स्पष्ट होता है कि यहां सैंपल लेने की दर बहुत ही कम है। जब सैंपलिंग होगी ही नहीं तो पॉजिटिव और निगेटिव का पता कैसे चलेगा। बिलासपुर जिले की आबादी करीब 18 लाख से ज्यादा है, पर पिछले 1 महीने में महज 617 लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें से 584 लोगों के सैंपल रिपोर्ट निगेटिव जबकि एक पॉजिटिव निकला जो स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच गया। इस हिसाब से बिलासपुर में सैंपल लेने का प्रतिशत बहुत ही कम रहा। यह स्थिति तब है जब विदेश से 477 और देश के अन्य राज्यों से 6482 लोग बिलासपुर आ चुके हैं। वहीं 6959 में 6397 लोग क्वारेंटाइन की अवधि पूरी कर चुके हैं। हालांकि इनमें से पांच प्रतिशत की भी सैंपलिंग नहीं की जा सकी।
ओपीडी में पहुंच रहे लोगों की भी नहीं की गयी सैंपलिंग
कोरोना महामारी ने देश में जब अपने पैर पसारे तो जिला अस्पताल और सिम्स में इसकी जांच के लिए विशेष ओपीडी का गठन किया गया। लेकिन यह ओपीडी सिर्फ नाम की होकर रह गई। शुरू में सिम्स की ओपीडी में 300 से अधिक और जिला अस्पताल में करीब 100 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे थे लेकिन इनमें से किसी की भी सैंपलिंग नहीं की गई। मरीजों से सिर्फ उनकी ट्रैवल स्टडी के बारे में पूछा जाता और उन्हें घर में रहने की हिदायत देकर विदा कर दिया जाता है। ओपीडी खोली ही क्यों गई और मरीजों की सैंपल क्यों नहीं किए गए इसे लेकर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इनका कहना था कि उनके लिए गए सैंपल के अलावा देश-विदेश से आए लोगों की पूरी हिस्ट्री जानी गई है। इन सभी को 28 दिन के क्वारेंटाइन में भी रखा जा रहा है।

ना सीमा पर जांच ना ही सैंपलिंग
शहर में रोजाना ही देश के दूसरे राज्य व शहरों से लोग आ रहे हैं। कुछ पास के जरिए तो कुछ चोरी छुपे आकर ठहर गए। इन लोगों की ना तो सीमा पर ही जांच की गई औैर ना ही किसी तरह के सैंपल लिए गए। जांच के नाम पर सिर्फ घरों में कैद रहने के लिए कह दिया गया। मेडिकल स्टाफ भी सिर्फ यही सलाह देकर आने वालों को छोड़ देता है।

क्यों जरूरी है ऐसे लोगों की सैंपलिंग : बिलासपुर में अभी तक भले ही एक मरीज पॉजिटिव मिला हो लेकिन वह मरीज भी कई लोगों के संपर्क में आया। उन सभी की जांच करने का दावा स्वास्थ्य विभाग ने किया जिसे कोरोना वायरस निकला। साथ ही बाहर से यात्रा करके आने वालाें की हिस्ट्री जानने के बाद उन लाेगाें की जांच व सैंपलिंग किया जाना बहुत जरूरी है।

"जिन लोगों के जरूरी थे उन लोगों के सैंपल लिए गए हैं और जिन लोगों में बीमारी से संबंधित कोई भी लक्षण नहीं थे उनके सैंपल नहीं लिए गए। हर किसी का सैंपल लेना जरूरी नहीं है वैसे भी जिले में कोरोना को लेकर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।" -डॉ. प्रमोद महाजन, सीएमएचओ, बिलासपुर

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