लाॅकडाउन के दाैरान इन दिनाें पटना के लाेग स्वच्छ वातावरण में सांस ले रहे हैं। प्रदूषण की मात्रा काफी कम गई है। पिछले एक सप्ताह में राजधानी का एक्यूअाई स्तर 150 से कम रहा है। सबसे कम 29 मार्च काे 69 रहा। शनिवार काे थाेड़ा बढ़ा लेकिन 131 पर रहा। दरअसल, लॉकडाउन के कारण अचानक करीब 14 लाख वाहनों का परिचालन बंद हाे गया है। खाद्य सामग्री, अस्पताल, नगर निगम सहित अन्य विभागों की ही कुछ गाड़ियां चल रही हैं।


फिजिशियन डाॅ. राजीव रंजन ने कहा कि वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों में कमी आई है। लॉकडाउन से हमें सीख मिली है कि कैसे वायु प्रदूषण काे कंट्रोल किया जासकता है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी इसे कंट्रोल रखना चाहिए। पिछले साल पटना का एक्यूआई स्तर 400 से ऊपर तक पहुंच गया था। एक्यूआई स्तर 301 से अधिक होने पर स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। स्कूली बच्चाें और बुजुर्गों में अस्थमा, एलर्जी, कफ, साइनोसाइटिस, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, पेट दर्द जैसी बीमारियां होने लगती हैं।

अाैर सुधरेगी एयर क्वालिटी

एएन कॉलेज के जैव प्रौद्याेगिकी विभाग के डाॅ. मनीष कंठ ने कहा कि शहर वासी पहली बार प्रदूषणमुक्त हवा में सांस ले रहे हैं। आने वाले चार-पांच दिनाें में एक्यूआई स्तर में और कमी आएगी। लाॅकडाउन से हम कोरोना वायरस पर विजय ताे पाएंगे ही, प्रदूषण रहित वातावरण में सांस ले सकेंगे। गाड़ियों से निकलने वाला धुआं और निर्माण कार्य से निकलने वाला धूल-कण बंद हो चुका है। इससे आने वाले समय में एयर क्वालिटी और बेहतर होगी।
लॉकडाउन के कारण अचानक करीब 14 लाख वाहनों का परिचालन बंद हाे गया है। खाद्य सामग्री, अस्पताल, नगर निगम सहित अन्य विभागों की ही कुछ गाड़ियां चल रही हैं।


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