जिला प्रशासन मकसूदां मंडी में उमड़ रही भीड़ का हल नहीं तलाश पा रहा। मंगलवार काे भी हजारों की भीड़ मंडी पहुंची। इनमें 13 ऐसे लाेग थे जिन्हें तेज बुखार था। डेढ़ घंटे तक इन लाेगाें काे मंडी में बैठाकर छह काे एंबुलेंस में सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
सिविल अस्पताल में सामान्य जांच के बाद इन्हें घर भेज दिया गया।
मंडी में भीड़ कम करने के लिए डीसी वीके शर्मा के आदेश पर एसडीएम-2 राहुल सिंधू, डीसीपी गुरमीत सिंह, एसीपी नाॅर्थ जसबिंदर सिंह और डीएमओ दविंदर सिंह कैंथ ने 77 आढ़तियों के ड्रॉ निकालकर फड़ें अलॉट की हैं।
आढ़तियों के साथ मीटिंग में फैसला लिया गया कि सभी को अलग-अलग फड़ों पर बैठाया जाएगा। किसी भी हालत में परचून माल नहीं बिकने दिया जाएगा। परचून माल बेचने पर पर्चा दर्ज किया जाएगा।
परचून माल बेच रहे 25 लोगों को पकड़ा, ज्यादातर महिलाएं
मकसूदां मंडी में अभी भी कुछ लाेग परचून में माल बेच रहे हैं। मंगलवार को डीएमओ दविंदर सिंह कैंथ, डीसीपी गुरमीत सिंह के सख्त आदेशों के बाद 25 लोगों को पकड़ा गया। इसमें ज्यादातर महिलाएं थीं। इन्हें वार्निंग देकर पुलिस ने छोड़ दिया। 2 लाेगाें के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में इनकाे जमानत पर छोड़ दिया गया।
रेहड़ी वाले बाेले, बेवजह किया जा रहा है परेशान
मंडी में हर रोज तेज बुखार के 10-15 केस सामने आ रहे हैं। आईएमए के डाक्टरों द्वारा इन्हें सिविल अस्पताल भेजा जा रहा है लेकिन सिविल में गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। रेहड़ी वालाें का कहना है कि डेढ़-दाे घंटे बेवजह परेशान किया जा रहा है। सिविल में जांच के बाद आदमपुर निवासी परमजीत सिंह ने कहा कि मंडी में डाॅक्टराें ने कहा कि बुखार है।
सिविल में डाॅक्टराें ने नाॅर्मल बताकर जाने दिया। जो सब्जी खरीदी थी वो भी वापस नहीं मिली। वहीं, डाॅ. शोभना ने कहा कि जिन लोगों को सिविल में मंडी से लाया जा रहा है, उनके सैंपल लिए जा रहे हैं।
लोग इकट्ठा नहीं होने देने के लिए करवाई जाएगी अनाउंसमेंट
डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने मंडी अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि मास्क पहनने, दस्ताने पहनने और हाथ धोने संबंधी बार-बार अनाउंसमेंट करवाई जाए ताकि लोग गंभीर हाें। एक जगह पर ज्यादा लोग इकट्ठा न हों, इसकी भी अनाउंसमेंट करवाई जाए। सभी आढ़ती मंडी में सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखें।
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