शहर में भगवान परशुराम जयंती पर हर साल निकाली जाने वाली शोभायात्रा इस बार निरस्त कर सर्वब्राह्मण समाज के लोग ने अपने घरों में आराध्य भगवान परशुरामजी का सुबह 8 बजे भक्ति भाव से पूजन किया। समाज के पंडित सुधाकर त्रिवेदी ने बताया देश कोरोना के संक्रमण जूझ रहा है। जिलेभर में कर्फ्यू व लॉकडाउन लगा है।
इसके लिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम लॉकडाउन का पालन करें ।
पंडित उमाशंकर सुल्तानपुरे ने बताया समाजजनों ने अपने घरों में भगवान परशुराम की पूजा व महामृत्युंजय मंत्र, रामरक्षा विष्णु सहस्त्रनाम, हनुमान चालीसा का पाठ व भजन कीर्तन और घर के बच्चों को भगवान परशुराम जी की वेशभूषा में अक्षिता सुल्तानपुरे को धारण करके पूजन आरती व भोग प्रसाद कर भगवान के जयघोष का उच्चारण करके जन्म उत्सव मनाया।
पर्व में बच्चों ने सूर्य देवता को अर्घ्य व सूर्य नमस्कार किया।
गृहिणी अंकिता त्रिवेदी ने पर्व व लॉकडाउन में अपने आराध्य देवता परशुराम व महापुरुषों की जीवनी व प्रेरक कथा को सोशल मीडिया के माध्यम से पढ़ा गया।
भजन कीर्तन के माध्यम से आनंद लिया।
विभिन्न मंदिरों व विप्रबधुओं ने अपने घरों की छतों और बालकनी पर शाम को 11-11 दीपक रखे। घंटी, शंख, डमरू व वाध्य यंत्रों के माध्यम से कोरोना महामारी के कारण परेशान लोगों को भलाई के लिए भगवान परशुराम से प्रार्थना व महामारी के प्रकोप को शीघ्र समाप्त हो और इसके चपेट में आए लोग के अच्छे स्वास्थ्य लाभ की मंगलकामना की गई।
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