(नीरज आर्या)तमाम कोशिशों के बाद भी दिल्ली में लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। लोग बेवजह घरों से बाहर निकल रहे हैं, पुलिस रोजाना कानून तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। 23 मार्च से 21 अप्रैल तक आईपीसी की धारा 188 के तहत 16,195 केस दर्ज हुए। 202667 लोगों को हिरासत में लिया गया। 25002 वाहन जब्त किए गए। वहीं 10 अप्रैल से 21 अप्रैल तक 5031 लोगों के खिलाफ मास्क नहीं पहनने पर कार्रवाई हुई। इसके बावजूद हालात काबू में आने के बजाए बिगड़ रहे हैं।

कानून के जानकार मानते हैं यदि लॉकडाउन या क्वारेंटाइन नियमों का सख्ती से पालन कराना है तो फिर विदेशों से सीख लेनी ही होगी। अब पुलिस की ओर से भी आवाज उठ रही है कि सरकार को इस दिशा में कदम आगे बढ़ाना चाहिए। एक पुलिस अधिकारी ने कहा अगर दिल्ली सरकार चाहे तो एक नोटिफिकेशन के जरिए कानून को थोड़ा सख्त बना सकती है। जुर्माने में बढ़ोतरी और कुछ दिनों के लिए क्वारेंटाइन कर उसे सजा का अहसास दिलवा सकती है।

पुलिस को इस तरह की आ रही परेशानियां

साउथ डिस्ट्रिक में तैनात एक एसएचओ ने कहा अगर कोई मुकदमा किया जाता है तो जांच अधिकारी को कागजी कार्रवाई करने में कम से कम दो घंटे लग जाते हंै। आरोपी पर कार्रवाई न के बराबर होती है। उसे तुरंत जमानत मिल जाती है। लोग घर के अंदर नहीं बैठते। कुर्सी या खाट बिछाकर दरवाजे के बाहर बैठ जाते हैं। कोई पकड़ा जाए तो उसकी अपनी दलील, वह सब्जी या दवाई लेने जा रहा है। वहीं, दूसरे एसएचओ ने कहा जुर्माने की राशि कम से कम दस से बीस हजार कर देनी चाहिए। इसके इलावा उसे तीन से पांच दिन तक परिवार से अलग जगह पर कहीं रखा जाए। मंडी से लेकर किराना की दुकानें खुलने और बंद होने का समय तय होने के बाद भी लोग नहीं मानते।

विदेशों में लॉकडाउन के नियम तोड़ने की सजा
  • सऊदी अरब: लॉकडाउन में घूमने पर एक करोड़ रुपए जुर्माना, स्वास्थ्य व यात्रा की जानकारी छिपाने पर 93 लाख रुपए देने होंगे।
  • फिलीपींस: क्वारेंटाइन के नियम को तोड़ने वाले को गोली मारने के आदेश हैं।
  • पनामा: घर से बाहर निकलने पर महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग दिन। महिलाएं सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दो घंटे के लिए बाहर निकल सकती हैं।
  • रूस: क्वारेंटाइन नियम तोड़ने पर सात साल की जेल। वहीं मैक्सिको में बीमारी छिपाने पर तीन साल की सजा का प्रावधान।
  • इटली: बिना कारण घर से बाहर निकलने पर ढाई लाख ओर लोमार्डी में चार लाख रुपए जुर्माना है।
एक्सपर्ट कमेंट :

कड़कड़डूमा कोर्ट के अधिवक्ता मनीष भदौरिया ने आज के हालात को देख मुख्यमंत्री एक विशेष नोटिफिकेशन के माध्यम से सजा में बढ़ोतरी कर सकते हैं। वहीं जमानत न देकर आरोपी को कुछ दिन परिवार से अलग क्वारेंटाइन में भेज सकते हैं।
अभी का कानून :

आईपीसी 188 में सरकारी आदेश की अवहलेना करने पर एक महीने की सजा और दो सौ रुपए सजा का प्रावधान है।

पुलिस कनटेंनमेंट जोन में विशेष वैन की मदद से नजर रख रही है। इन पर गई संदेश लिखे हैं।









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