नई दिल्ली (तरुण सिसोदिया).नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में रहने वाले लोगों को सदमे से बाहर निकालने के लिए मनोचिकित्सा संस्थान मानव व्यवहार एवं संबद्ध संस्थान (इहबास) ने इलाके में जाकर ही लोगों की काउंसलिंग करने का फैसला किया है। यह फैसला अस्पताल में बनाए गए स्पेशल क्लीनिक में लोगों के कम संख्या में पहुंचे के कारण लिया है। हालांकि स्पेशल क्लीनिक पहले की तरह ही चलता रहेगा। इहबास के मेडिकल सुप्रींटेंडेंट डॉ. निमेष देसाई ने कहा किहम लोगों से अपील करते हैं कि यदि उन्हें तनाव, एंग्जाइटी आदि की परेशानी है। वह हमारे क्लीनिक में आएं डॉक्टर उनकी जांच कर जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू करेंगे। इसके साथ ही हम हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर भी एनजीओ की मदद से लोगों का इलाज करेंगे। कुछ एनजीओ से हमारी बात हुई है। उनके वॉलंटियर्स को हम ट्रेनिंग देंगे। वह और हमारे कुछ डॉक्टर इलाकों में जाएंगे और लोगों से बात करेंगे। गंभीर मरीजों को वहां से अस्पताल भेजा जाएगा।

डॉक्टरों ने पाया घायल सदमे में हैं

भजनपुरा, चांद बाग, करावल नगर आदि इलाकों में हुई हिंसा के घायलों को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान इहबास के डॉक्टरों की टीम ने पाया कि अनेक घायल सदमे में हैं। करीब दो-तिहाई घायल सदमे में थे। इनमें उदासी, चिंता और खतरनाक घटना का मंजर बार-बार सामने आने के अलावा सुरक्षित महसूस करने में मुश्किल। नींद न आना, नींद आने पर बुरे सपने आना जैसे लक्षण दिख रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में घायलों को काउंसिलिंग के अलावा दवाएं भी दी गईं। अधिकतर लोगों को अपने साथ हुई हिंसा, मारपीट और आगजनी से गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। डॉक्टरों ने कइयों का इलाज शुरू किया और कइयों की काउंसलिंग की। इसके साथ ही इहबास में स्पेशल क्लीनिक भी शुरू कर दिया गया। इस स्पेशल क्लीनिक में डॉक्टर तो हमेशा मौजूद रहते हैं लेकिन हिंसाग्रस्त इलाके के लोग नहीं पहुंच रहे। क्लीनिक 29 फरवरी को शुरू हुआ था और बुधवार तक यहां सिर्फ 15 लोग ही पहुंचे।

तैयारी: गंभीर मरीजों को अस्पताल भेज दिया जाएगा

स्पेशल क्लीनिक में लोगों की कम तादाद के चलते अस्पताल ने लोगों के बीच जाकर ही उन्हें सदमे से उबारने का फैसला किया है। देसाई ने कहा कि जिन इलाकों में हिंसा हुई है। वहां के अनेक लोग सदमे में होंगे। ऐसा हमें घायलों की जांच के दौरान महसूस हुआ इसलिए ही स्पेशल क्लीनिक खोला गया था।

कॉल करके ले सकते हैं मदद

डॉक्टर निमेष देसाई ने बताया कि इहबास में क्लीनिक सुबह 8 बजे से रात 8 बजे चल रहा है। हम इलाके के लोगों से अपील करते हैं कि यदि उन्हें तनाव महसूस हो रहा है तो जरूर मिलें या फिर 9868396841 पर कॉल करें। बता दें हिंसा से पीड़ित परिवारों के राहत, पुनर्वास व तत्काल मदद के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से ऐसे पीड़ित परिवारों की जानकारी हैशटैग दिल्ली रिलीफ के साथ ट्विटर पर शेयर करने की अपील की थी।

मनोचिकित्सा संस्थान मानव व्यवहार एवं संबद्ध संस्थान (इहबास) ।



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