भोपाल.पड़ोसी राज्यों से मप्र लौट रहे हजारों कामकाजी लोगों को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के तहत विभिन्न राज्यों में मप्र के दो हजार लोग फंसे हुए हैं। लाकडाउन के कारण इन्हें लाने में दिक्कत हो रही है। फंसे हुए लोगाें की संख्या बढ़ भी सकती है। इनमें से बहुत से लाेग पैदल आ रहे हैं।
अलग-अलग जगहों से जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उप्र, बिहार और कर्नाटक के सीएम से बात की। साथ ही कहा कि वे मप्र के लोगों के लिए रास्ते में भोजन और रुकने की व्यवस्था कराएं। जो भी खर्च आएगा, उसका भुगतान मप्र सरकार करेगी। यही काम मप्र सरकार भी करेगी, जो मप्र से दूसरे राज्यों में जा रहे हैं। सभी राज्यों के सीएम ने मदद का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि सबसे पहले कोशिश इस बात की हो कि वे पलायन न करें। यदि इसके बाद भी आते हैं तो उनका ध्यान रखा जाएगा। इससे पहले शिवराज सिंह ने शहर में अकेले अलग-अलग जगह जाकर कोरोना वारियर्स से मुलाकात की। पुलिस व प्रशासन की तैयारियों को देखा। वे बिट्टन मार्केट, शाहपुरा, सर्वधर्म नगर, मंदाकिनी तिराहा, नयापुरा तिराहे और बैरागढ़ चीचली क्षेत्र में गए।
सीएम ने जताया आभार
मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट से निपटने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लगातार काम कर रहे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, पत्रकारगण, पुलिसकर्मी, नगरीय निकायों के अमले, राजस्व अमले, स्वयंसेवी संस्थाओं आदि का आभार व्यक्त किया है। उन्हाेंने कहा कि इस सहयोग का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकेगा।
सभी को मिलेगा मुफ्त अनाज भले ही राशनकार्ड न हो
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गरीब को तीन माह तक उचित मूल्य राशन नि:शुल्क मिले, चाहे वह उचित मूल्य उपभोक्ता हो अथवा नहीं। बाहर से आए मजदूरों, गरीबों के लिए भी खाद्यान्न की व्यवस्था की जाए। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि प्रदेश में कोरोना की टेस्टिंग के लिए 1600 किट स्टॉक में हैं। यह आगामी 3 दिन में 10,000 किट्स हो जाएंगी। पुणे की एक कंपनी को एक लाख किट्स का ऑर्डर दिया गया है। वर्तमान में टेस्टिंग के लिए लैब की क्षमता 280 है, जिसे बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाने वाली पीपी किट्स वर्तमान में 1761 स्टॉक में है। अगले एक सप्ताह तक पांच हजार किट रोज आती जाएंगी।

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