खगड़िया. एक माह पूर्व पंचायत की राजनीति में वर्चस्व को लेकर दो पूर्व मुखिया सहित तीन लोगों की हत्या के बाद मंगलवार की शाम मानसी का पूर्वी ठाठा गांव फिर गोलियों की आवाज से दहल उठा। पूर्व मुखिया बृजनंदन यादव की हत्या का मुख्य आरोपी और 50 हजार का इनामी विनोद यादव अपने रिश्तेदार सुमित यादव और 10 साथियों के साथ पूर्व सरपंच भरत यादव को ढूंढते हुए घर पर पहुंचा।
वहां भरत यादव नहीं मिले तो उनके पिता राजेंद्र यादव उर्फ पगलू यादव (65 वर्ष) व छोटे भाई रिंकू यादव (32 वर्ष) को गोलियों से भून डाला। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के आधे घंटे बाद गांव में 8 फरवरी से कैंप कर रही पुलिस पहुंची और छह खोखे बरामद किए। साथ ही, शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भिजवाया। गौरतलब है कि पुलिस कैंप से भरत यादव का घर महज 400 मीटर दूर है। भरत यादव ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार पुलिस को फोन किया लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर उनके घर के पीछे बगीचे में करीब एक घंटे तक रहे। देर रात तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।
आठ फरवरी को तीन लोगों की कर दी गई थी हत्या
गौरतलब है कि 8 फरवरी की शाम पूर्वी ठाठा के पूर्व मुखिया अमोद यादव के छोटे भाई विनोद यादव ने अपने गोतिया पूर्व मुखिया बृजनंदन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद बृजनंदन के समर्थकों ने अमोद यादव की हत्या कर दी थी। उसी दिन देर रात बृजनंदन के चचेरे भाई सत्तो यादव की भी हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को हुई हत्या को भी उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। उधर, डीआईजी राजेश कुमार ने मानसी थानाध्यक्ष गुंजन कुमार को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। डीआईजी ने बताया कि इस प्रकरण में थानाध्यक्ष की भूमिका कमजोर रही और वह अपराधियों को पकड़ने में विफल रहे।
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