दिघलबैंक. शनिवार की रात सीमावर्ती क्षेत्र में नेपाल के जंगल से आए हाथियों के झुंड ने रविवार की दोपहर धनतोला पंचायत के बिहार टोला गांव के समीप आधे दर्जन से अधिक हाथियों के झुंड ने खेत देखने गये एक किसान को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही 63 वर्षीय नारायण शर्मा की मौत हो गई। दिघलबैंक थाना की पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
रविवार की सुबह मक्का खेत देखने गए किसानों ने खेत में हाथियों की झुंड देखे जाने की जानकारी आसपड़ोस के लोगों की दी। देखते ही देखते हाथियों काे देखने लोगाें की भीड़ खेतों में जुटने लगी। दोपहर करीब दो बजे बिहार टोला कामत बस्ती के 63 वर्षीय नारायण शर्मा पिता स्व. आनंद शर्मा अपनी खेत देखने गए। बताया गया वहां पहले से मौजूद भीड़ में किसी ने हाथियों की झुंड को छेड़ दिया, जिससे गुस्साए हाथियों के झुंड ने खेत जा रहे किसान नारायण शर्मा को मौके पर कुचल दिया, जिससे उनकी माैत गई।
हाथियों के जाने पर खेत से निकाला स्थानीय लोगों ने निकाला शव
घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद घटना स्थल से हाथियों का झुंड दूर जाने के बाद स्थानीय लोगों ने किसी तरह शव को खेत से बाहर निकाला। सूचना पर दिघलबैंक थानाध्यक्ष आरिज रहकाम, वन क्षेत्र पदाधिकारी उमानाथ दुबे, बीडीओ पुरण साह, वन कर्मी बबलू कुमार यादव, वनरक्षी मनोज उरांव सदल बल पहुंचे। वहां पहले से मौजूद एसएसबी 19वीं धनतोला एफ कंपनी इंचार्ज अरविंद कुमार, एसआई किशोर प्रताप करुणेश, दर्जनों जवानों के साथ मौके पर पहुंचे।
2017 में युवक की कुचलने से माैत
2017 में तेलिभिट्ठा गांव के समीप हाथियों की झुंड का फोटो लेने गए दिघलबैंक थाना क्षेत्र के आमडांगी गांव के एक युवक को कुचलने से मौके पर ही मौत हो गया था। घटना स्थल पर वनों के क्षेत्र पदाधिकारी उमानाथ दुबे से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मृतक के परिजनों को पांच लाख की अनुग्रह राशि दिये जाने का प्रावधान है। हाथियों को रोकने और बाहर निकालने के बारे पूछे जाने पर बताया कि भोजन की तलाश में हाथियों का झुंड मक्का खेतों में आता है। सावधानी से ही हाथियों के झुंडों से बचाव किया जा सकता है।

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