इंदौर.बाजार में भीड़ कम करने के उद्देश्य से सब्जी, किराने के बाद अब शनिवार से लोगों तक घर बैठे ही दवाइयां पहुंचाई जाएंगी। निगमायुक्त आशीष सिंह ने बताया सब्जी-किराने के बाद सबसे ज्यादा भीड़ दवा दुकानों पर उमड़ रही है। इसे देखते हुए व्यवस्था की जा रही है कि लोगों को घर पर ही दवाइयां मिले।
कुछ विक्रेता हैं जो पहले से घर पहुंच सेवा उपलब्ध करवा रहे हैं। उनका पूरा सिस्टम भी डेवलप किया हुआ है। निगम कंट्रोल रूम पर कुछ फार्मासिस्ट बैठेंगे।
लोग जो भी दवा ऑर्डर करेंगे वह उनके घर पहुंचाई जाएंगी और वहीं पेमेंट हो जाएगा। हालांकि निगम ने इसके लिए अभी कोई नंबर जारी नहीं है।
माेबाइल नंबर 7489244895 पर ले सकते हैं परामर्श
उधर, प्रशासन ने टेली मेडिसिन सुविधा शुरू की है। इसके तहत माेबाइल नंबर 7489244895 पर वाट्स एप मैसेज, वॉइस या वीडियो कॉल द्वारा डाॅक्टराें से परामर्श लिया जा सकता है। अभी सामान्य सर्दी-खांसी होने पर भी लोगों को कोरोना का डर सता रहा है। एेसे में टेलीमेडिसिन सुविधा द्वारा सर्दी, खांसी, जुकाम आदि के लक्षण देखकर परामर्श दिया जा सकेगा। जरूरत हाेने पर मेडिकल मोबाइल यूनिट संबंधित व्यक्ति के घर जाकर भी सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
मृगनयनी एम्पोरियम में भी मिलेंगे सैनिटाइजर
मप्र शासन ने सैनिटाइजर उपलब्ध कराने के लिए मृगनयनी एम्पोरियम को अधिकृत कर दिया है। पहले चरण में शुक्रवार से भोपाल व इंदौर में इसकी बिक्री शुरू कर दी गई है। 90 मिली की बोतल 50 रुपए और 180 मिली की 100 रुपए में मिलेगी। इस दौरान एम्पोरियम में अन्य सामग्री नहीं बिकेगी।
चोइथराम सब्जी मंडी में आने वाले 300 किसानों को मिलेंगे पास
चोइथराम सब्जी मंडी में उपज लेकर आने वाले 300 किसानों को मंडी प्रशासन पास जारी करेगा। इस संबंध में कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए हैं। कर्फ्यू की वजह से अभी घर लौटते समय किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। यह जानकारी कृषि उपज मंडी बोर्ड के संचालक महेंद्र दीक्षित ने कलेक्टर को दी थी।
दवा बाजार आज सुबह 8 से 1 बजे तक खुला रहेगा, मास्क पहने लोगों को ही प्रवेश
दवा बाजार शनिवार को भी सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक खुला रहेगा। इसमें खेरची व्यापारी जरूरी दवाइयां खरीद सकेंगे। सभी खेरची व्यापारियों और लोगों से कहा गया कि वे मास्क पहनकर ही आएं, तभी दवा बाजार में प्रवेश मिलेगा। शुक्रवार सुबह बाजार खुला तो इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने व्यापारियों को दूर-दूर खड़ा करवाया। एसोसिएशन अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा प्रशासन की गाइडलाइन का पूरा पालन किया गया। समस्त व्यापारियों एवं कर्मचारियों को प्रवेश लाइसेंस की फोटोकॉपी या व्यापारी द्वारा दिए गए अधिकृत लेटर पर ही दी गई। ग्राहक दवाइयां खरीदते समय उचित दूरी का विशेष ध्यान रखें।
311 एप पर करें क्षेत्र के सैनिटाइजेशन की मांग
निगम के इंदौर 311 एप पर लोग सब्जी, किराना और सैनिटाइज करवाने की रिक्वेस्ट भी डाल सकेंगे। इसके लिए लिंक शुरू की जा रही है। निगमायुक्त ने बताया निगम शहर के 467 रूट प्रभारियों के नाम, वार्ड, जोन और मोबाइल नंबर की सूची अखबार में प्रकाशित करवा चुका है। इसकी पीडीएफ फाइल भी सोशल मीडिया पर जारी की है जो एप पर भी मिलेगी। एप में नए फीचर जोड़े जा रहे हैं। लोग अपने क्षेत्र को सैनिटाइज करवाने की भी रिक्वेस्ट भेजें। निगम का दल वहां जाकर सैनिटाइज कर देगा।
सुनवाई स्थगित की, बिजली दरों का निर्धारण भी रुका
शहर को कोरोना महामारी से बचाने के लिए जारी कर्फ्यू को देखते हुए उपभोक्ता ने किसी कारण से 15 अप्रैल तक बिल नहीं भरा तो उस पर पेनल्टी नहीं लगाई जाएगी। इसके लिए बिजली कंपनी अपने साॅफ्टवेयर में तात्कालिक बदलाव कर रही है। लाॅकडाउन समाप्त होने के बाद सभी व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। कंपनी पहले ही कह चुकी है कि इस महीने घर-घर बिल नहीं पहुंच पाएंगे। लोग वेबसाइट से बिल डाउनलोड कर भर सकते हैं। जो डाउनलोड नहीं करेंगे उन्हें अप्रैल में दो महीने का बिल एक साथ चुकाना होगा।
लाॅकडाउन के चलते कमजोर वर्ग आर्थिक परेशानी में है। साथ ही ऑनलाइन भुगतान करना भी उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में पेनल्टी लगने से उन पर और भार आ जाएगा। इन सबको देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने पेनल्टी नहीं लगाने का निर्णय लिया है। इधर बिजली दरों का निर्धारण भी रुक गया है क्योंकि नियामक आयोग ने सुनवाई स्थगित कर दी है। मई में सुनवाई हो सकती है। प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों ने पांच फीसदी बिजली महंगी करने की अनुशंसा आयोग से की है।
प्राकृतिक परेशानी से सप्लाय प्रभावित हुई गुरुवार रात 9 बजे बाद तेज हवा के साथ हुई बारिश से बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। कंपनी अमला रातभर सुधार करता रहा। कहीं रात 11 तो कहीं तड़के तक बहाल हो पाई। कंपनी तार हटाकर केबल बिछा रही है। इस नई व्यवस्था में कुछ कमी होने से फॉल्ट हुए हैं। केबल सिस्टम से कंपनी को जोन पर ही पता चल जाता है कि फॉल्ट किस पोल पर हुआ है। ऐसे में फॉल्ट तलाशकर ठीक करने में जो समय लगता था, वह बच रहा है।

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