जालंधर.मकसूदां मंडी में लोकल सब्जियां की आमद ज्यादा होने के कारण 100 क्विंटल से ज्यादा खराब होनी शुरू हो गई हैं। मंडी में लगने वाली 800 फड़ियों पर अब सब्जियां नहीं बिक रही हैं। आमद उतनी ही हो रही है जितनी रुटीन के दिन में होती थी, लेकिन फड़ियां न लगने के कारण आढ़ती और व्यापारी को माल स्टॉक करना पड़ रहा है। जो सब्जियां रुटीन में इस्तेमाल होने वाली हैं, वे ज्यादा दिन तक नहीं रह पाती और खराब हो रही है। इसके अलावा गर्मियों में सबसे ज्यादा डिमांड पपीते की होती है, जो इस समय भारी मात्रा में खराब हो रहा है। व्यापारी उसे कूड़े में फेंक रहे हैं।

खराब सब्जियों में खाने लायक छांट रहे जरूरतमंद लोग

हालात ये हो गए हैं कि दिहाड़ी करने वाला मजदूर अपना पेट भरने पर मजबूर हो गया। खराब सब्जियों में से छांट रही महिलाओं ने बताया कि जब से कोरोना आया है, वे कामकाज पर नहीं जा पा रही हैं। खराब सब्जियों में से कुछ सब्जियां ठीक भी निकल आती हैं। बच्चों का पेट तो पालना ही है।

मंडी में रोज 60% पपीता रोज हो रहा खराब।
बुजुर्ग फंकी हुई शिमला मिर्च से खाने लायक छांटते हुए।



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