(रिपाेर्ट -1।खातीवाला टैंक से।मैं दीपेश शर्मा। खतरों के बीच पत्रकारिता धर्म निभा रहा हूं। क्योंकि मेरे परिवार के साथ भास्कर के लाखों पाठकों को भी मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है।)
इंदौर. खातीवाला टैंक कंटेनमेंट एरिया घोषित होने के बाद सोमवार को पहली बार पूरी तरह बंद दिखा। हालांकि सुबह आठ बजे से लोग दूध डेयरी के बाहर चक्कर लगाते रहे। रमेश मोटवानी ने बताया मैं कॉलोनी की हर डेयरी के बाहर चक्कर लगा चुका हूं। सभी जगह बंद। घर में तीन बच्चे हैं। उन्हें दूध के लिए बिलखता कैसे देख सकेंगे? हालांकि शाम को दूध में छूट मिलने पर डेयरियों के आगे भीड़ लग गई। इसी क्षेत्र में जहां वर्षों से सब्जी मंडी लगती थी, वहां सोमवार को सन्नाटा था। खातीवाला टैैंक में ही पंजवानी क्लिनिक सुबह से खुला था, जबकि दूसरे क्लिनिक बंद थे। यहां आए मरीजों को स्टाफ ने सोशल डिस्टेंस का पालन करने का कहा।
बैराठी कॉलोनी : निगम के कर्मचारी ने नहीं पहना था मास्क, लोगों ने ली आपत्ति
गुरुद्वारे के सामने कचरा गाड़ी आकर रुकी। लोग मास्क लगाए कचरा डालने पहुंच गए। यहां कचरा लेने वाले हेल्पर ने मास्क नहीं लगाया था। जब उससे पूछा कि मास्क क्यों नहीं लगाया तो बोला कि मास्क की स्ट्रिप टूट गई है। लोगों ने इस पर आपत्ति लेते हुए उससे कहा कि आपको दूसरा मास्क लगाना चाहिए था। सबसे ज्यादा आप इधर-उधर जा रहे हो। संक्रमण के कारण खुद तो बीमार होंगे ही, दूसरों को भी करोगे।
स्नेह नगर, अग्रवाल नगर पहले गाड़ियों से घूम रहे थे, अब सब घरों में कैद
अग्रवाल नगर भी कंटेनमेंट एरिया होने के कारण सील है। रहवासी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कर्फ्यू के बावजूद लोग रविवार को भी गाड़ियों से घूम रहे थे। सोमवार को एक-दो वाहन चालक ही नजर आए। दूसरी तरफ स्नेह नगर की गलियों में सन्नाटा रहा। पहले लोग बरामदे में भी दिख रहे थे, लेकिन सोमवार को कोई भी बाहर नहीं निकला।
वीर सावरकर नगर
यह है वीर सावरकर नगर की श्रीनाथ दूध डेयरी, यहां सोमवार शाम को 5 बजे से ही लोगों की भीड़ दूध के लिए जमा हो गई। कुछ लोग पैसे लेकर 2-3 लीटर दूध मांगने के लिए खड़े हो गए तो कुछ बंदी वाले थे। दूध की उपलब्धता कम देखकर दुकानदार संतोष बागोरा ने सभी को एक-एक लीटर दूध लेने की बात कही। इस पर लोग भीड़ के रूप में जमा होने लगे। इस दौरान जूनी इंदौर थाने के जवान पहुंच गए और व्यवस्था संभालने के लिए लोगों को एक-एक मीटर दूर खड़े होकर लाइन लगाने का कहा। लोग नहीं माने तो डेयरी का शटर गिरा दिया। इसके बाद लोगों को फिर ठीक से खड़ा कर दूध बंटवाया गया। ऐसी ही स्थिति सिंधी कॉलोनी के पास की दूध डेयरी पर दिखी।
(रिपाेर्ट -1।चंदन नगर से।मैं राघवेंद्र बाबा। खतरों के बीच पत्रकारिता धर्म निभा रहा हूं। क्योंकि मेरे परिवार के साथ भास्कर के लाखों पाठकों को भी मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है।)
कोरोना के मरीज का घर और इलाका किया सैनिटाइज
इंदौर. सोमवार सुबह 11 बजे सिर्फ पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे थे। इक्का-दुक्का बाइक सवार जब निकले तो जवानों ने रोका। ज्यादातर व्यक्ति मेडिकल इमरजेंसी और दवाई का पर्चा दिखाकर जाने देने की मनुहार कर रहे थे। पुलिसकर्मी भी मजबूरी समझकर जाने दे रहे थे।

थाने के पास से फूटी कोठी जाने वाली पूरी सड़क सील थी। अंदर स्कीम 71 और चंदन नगर एफ सेक्टर पूरी तरह ब्लॉक था। अब हर रास्ते को नाके में तब्दील कर दिया है। एफ सेक्टर में जाने वाले सारे रास्तों को पूरी तरह बैरिकेड्स, जालियों और स्टॉपर लगाकर बंद कर दिया है। तीन युवक बाहर आ रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोका। बाहर जाने का कारण पूछा। वे तीनों पैदल थे। बोले- साहब राशन-पानी तो घर में है। पास के अस्पताल में घर का सदस्य भर्ती है। उसके पास पैसे पहुंचाने जा रहे हैं। पुलिसकर्मी ने एक युवक को जाने की इजाजत दी। बाकी दो को वापस घर में रहने को कहा। इक्का-दुक्का लोग घरों से झांक रहे थे। एएसपी मनीष खत्री ने बताया कि चंदन नगर में जो महिला पॉजिटिव मिली है, उसके घर और आसपास के घरों को रात में सैनिटाइज किया गया। मरीज मिलने के बाद से यहां के रहवासियोंं में डर है। इसलिए देर रात टीमें पहुंचीं। सभी के घरों में दवाइयां छिड़की।

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