इंदौर.देशभर में कोरोना के खतरे के बीच बाजार से अच्छी कंपनियों के सैनिटाइजर गायब हैं। चलताऊ सैनिटाइजर तीन से चार गुना दामों में बिक रहे हैं। इसके चलते एसजीएसआईटीएस (गोविंदराम सेकसरिया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस) के फॉर्मेसी विभाग ने 8 दिन में सैनिटाइजर बनाया है। 100 मिलीलीटर की सौ बोतल तैयार कर टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ में भी बांटी।
संस्थान अब आने वाले समय में और मात्रा में सैनिटाइजर बनाएगा। विभाग के हेड डॉ. प्रकाश सोनी, प्रो. सुरेश पासवान ने रिसर्च गाइड प्रो. टीआर सैनी के मार्गदर्शन में यह सैनिटाइजर तैयार किया। इसमें दो स्टूडेंट का भी सहयोग रहा। खास बात यह है कि यह सैनिटाइजर कोरोना के खतरे से निपटने में सौ फीसदी सहायक है, क्योंकि संस्थान का दावा है कि यह सैनिटाइजर डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अगले कुछ दिनों तक संस्थान के सदस्य इसे ही उपयोग करेंगे।
छात्रों ने ऐसे तैयार किया आइसोप्रोपिल अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर
प्रो. सोनी के अनुसार, आइसोप्रोपिल अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर तैयार किया है। इसमें हाथों एवं त्वचा की सुरक्षा का संपूर्ण ध्यान रखा है। इसमें आइसोप्रोपिल अल्कोहल के साथ ही पर्याप्त मात्रा में ग्लिसरोल, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, कंडीशनर, स्किन प्रोटेक्टेड आकर्षक कलर एवं सुगंध भी डाली गई है। यह सैनिटाइजर स्कोर असेप्टिक कंडीशन में बनाया गया है। माइक्रो बायोलॉजिकल स्टडी के लिए माइक्रो वायर स्टडी के लिए रिसर्च लैब में भेजा।

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