पानीपत(सुशील भार्गव).हरियाणा में प्रदूषण का स्तर 34 घंटे में आधा रह गया है। करीब 15 जिले संतोषजनक स्थिति में आ गए हैं, पंचकूला की हवा सबसे शुद्ध आंकी गई है, यहां पर स्तर महज 54 माइक्रोग्राम रह गया है। जबकि अभी भिवानी, पलवल, पानीपत और फरीदाबाद के अलावा धारूहेड़ा में प्रदूषण का स्तर 100 माइक्रोग्राम से अधिक बना हुआ है। यह मध्यम स्तर का है।
22 मार्च सुबह छह बजे से 23 मार्च शाम चार बजे की रिपोर्ट के आंकड़े बयां कर रहे हैं कि ऐसा हरियाणा में पिछले एक दशक में नहीं हुआ। प्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि जब से हरियाणा में प्रदूषण नापने के यंत्र लगे हैं, तब से ऐसा कभी नहीं हुआ। वाहनों की अधिकता के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, चूंकि जनता कर्फ्यू के कारण काफी संख्या में वाहन बंद थे, ऐसे में प्रदूषण का स्तर काफी नीचे आ गया है।

चंडीगढ़ आईएमडी के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि अभी मार्च के अंत तक मौसम में बदलाव होते रहेंगे। बीच-बीच में कहीं-कहीं बादल छाने और बूंदाबांदी के आसार हैं। जबकि 27 व 28 को प्रदेश के कुछ इलाकों में पश्चिम विक्षोभ के असर से बरसात हो सकती है। दिन का तापमान कम हो सकता है, जबकि रात को कुछ बढ़ने की संभावना बन सकती है।

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