निगमानंद सारस्वत संघ मुढाल में आयोजित दो दिवसीय भक्त सम्मेलन के दूसरे दिन करीब तीन हजार भक्त पहुंचे। सम्मेलन मानुष मुड़िया सारस्वत आश्रम के अंतर्गत अायाेजित किया गया। इस अवसर पर मंगलवार सुबह 31 नए शिष्यों ने स्वामी दिव्यानंद सरस्वती से दीक्षा ली।
सम्मेलन में मानव जीवन के चतुराश्रम, इन आश्रमों में धर्म पालन, धर्मार्थ सत गुरु, गुरु से दीक्षा क्यों आवश्यक है? इन पर शिष्याें का मार्गदर्शन किया गया। भक्तों के बीच भाव विनिमय संपन्न हुआ। इस सत्र में भक्तों ने गुरु कृपा की अनुभवों को रखा। स्वामी भास्करानंद सरस्वती, स्वामी देवेशानंद सरस्वती ने भी भक्तों को संबोधित किया। मधुर गुरु नाम केवलम कीर्तन ने सम्मेलन के माहौल को भक्तिमय बना दिया। मौके पर त्रिदिव्येंदु गिरि, सुखेंदु गिरि, उत्पलेंदू गिरि, सनत गिरि, सुबल गिरि, पंकज गिरि, प्रणव गिरि, कमल गिरि आदि उपस्थित थे। सम्मेलन के बाहर स्टालों में गुरु निगमानंद से संबंधित विभिन्न प्रकार के पुस्तक के अलावा गीता सार जैसे पुस्तक भी ब्रिकी के लिए उपलब्ध थी। हावड़ा के सूर्य मुखोपाध्याय, चाकुलिया के रवीन्द्रनाथ कर, खड़कुशमा से निताई पात्र, पंकज दत्ता ने पुस्तक स्टाॅल लगाया। अगली बार सम्मेलन का आयोजन 2022 को सारस्वत आश्रम मानुषमुड़िया में किया जाएगा।
सत्र में भक्तों ने गुरु कृपा की अनुभवों को रखा। स्वामी भास्करानंद सरस्वती, स्वामी देवेशानंद सरस्वती ने भी भक्तों को संबोधित किया। मधुर गुरु नाम केवलम कीर्तन ने सम्मेलन के माहौल को भक्तिमय बना दिया। मौके पर त्रिदिव्येंदु गिरि, सुखेंदु गिरि, उत्पलेंदू गिरि, सनत गिरि, सुबल गिरि, पंकज गिरि, प्रणव गिरि, कमल गिरि आदि उपस्थित थे। सम्मेलन के बाहर स्टालों में गुरु निगमानंद से संबंधित विभिन्न प्रकार के पुस्तक के अलावा गीता सार जैसे पुस्तक भी ब्रिकी के लिए उपलब्ध थी। हावड़ा के सूर्य मुखोपाध्याय, चाकुलिया के रवीन्द्रनाथ कर, खड़कुशमा से निताई पात्र, पंकज दत्ता ने पुस्तक स्टाॅल लगाया। अगली बार सम्मेलन का आयोजन 2022 को सारस्वत आश्रम मानुषमुड़िया में किया जाएगा।
संबाेधित करते स्वामी दिव्यानंद सरस्वती।
श्यामसुन्दरपुर : माैके पर उपस्थित श्रद्धालु।


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