जयपुर.जयपुर के आराध्य ताड़क बाबा (ताड़केश्वर महादेव) में सोमवार तड़के सिलेंडर लीकेज से धमाका हो गया। हादसे में पुजारी गोविंद नारायण पाराशर की पत्नी मंजू और लालसोट निवासी अभिषेक(17) की मौत हो गई। वहीं अभिषेक के चाचा राजेश सहित 2 लोग घायल हो गए। ब्लास्ट से मंदिर भवन की कई दीवारों में दरारें व रेस्क्यू के कारण पुलिस व प्रशासन ने एहतियातन मंदिर का मुख्य द्वार बंद करवा दिया। ऐसे में श्रद्वालु भगवान भोले के दर्शन नहीं कर पाए। साल 1992 के बाद यह पहला मौका था जब मंदिर के द्वार बंद किए गए। तब सांप्रदायिक उपद्रव के दौरान मंदिर बंद किया गया था।

हजारों जयपुरवासियों के दिन की शुरुआत ताड़क बाबा के दर्शन से ही होती है। कई शिव भक्त सुबह जल चढ़ाने और रात को शयन आरती में शामिल होने के बाद ही भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसे में जयपुरवािसयों का अखंड व्रत टूटा तो उन्होंने दिनभर उपवास रखा। हालांकि शाम को 5 बजे मंदिर के द्वार दोबारा खोल दिए गए। आरती भी हुई। कई लोगों ने तो जल नहीं चढ़ा पाने पर दिनभर व्रत रखा और रात को महादेव के दूर से दर्शन करके ही व्रत खोला।

संदेह... प्रकाश के कहने पर मंजू ने लीकेज देखने के लिए लाइट ऑन या माचिस जलाई, तभी धमाका

मंदिर के एक तरफ के हिस्से में चार भाई गोविंद नारायण, प्रकाश, धर्मेंद्र व राजकुमार पाराशर का परिवार रहता है। मंजू के देवर प्रकाश ने बताया कि बड़ा भाई गोविंद नारायण पाराशर दो बेटियाें कृतिका, हर्षिता के साथ एक कमरे में सो रहे थे। मंजू दूसरे कमरे में कुछ काम कर रही थी और बेटा तन्मय खेलने चला गया था। तीसरे कमरे में कर्मचारी लालसोट निवासी राजेश व भतीजा अभिषेक सो रहे थे। करीब 6:40 बजे प्रकाश उठकर बाथरूम की तरफ जा रहा था। उसे गैस की बदबू आई तो सबसे पहले राजेश को आवाज लगाई कि अपना सिलेंडर संभालो गैस लीक हो रही है। राजेश ने सिलेंडर चेक कर बताया कि लीकेज नहीं है और दोबारा सो गया। इसके बाद प्रकाश भाभी मंजू को गैस संभालने के लिए आवाज देकर बाथरूम में चला गया। इसी बीच मंजू ने सिलेंडर संभालने के लाइट ऑन की या माचिस जलाई तभी तेज धमाका हो गया। प्रकाश के भी पत्थर की हल्की चोटें लगी हैं। वहीं अमन उर्फ फौजी मंदिर के बाहर लगने वाली पान व माला की दुकान के बाहर खड़ा था। पत्थर लगने से वह भी घायल हो गया।

मां ने आंचल में समेटा, खुद पोटली में सिमटी

मृतका मंजू की दो बेटियां कृतिका और हर्षिता तथा एक बेटा तन्मय है। हादसे के समय कृतिका व हर्षिता पिता के साथ एक कमरे में सो रहे थे। तन्मय खेलने चला गया था। एक धमाके ने तीनों बच्चों से मां छीन ली। ब्लास्ट से मंजू चिथड़ों में बदल गई। जिस मां केे आंचल में आज तक तीनों बच्चे सिमटे रहते थे वह आज पोटली में सिमटी हुई मिली। धमाके से मंदिर परिसर सहित आस-पास के कई भवनों की दीवारों में दरारें आ गई। 300 मीटर दूर तक रहने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज धमाके के साथ उनके घरों में जोरदार कंपन हुआ था। आसमान में चारो तरफ धुल के गुब्बारे छा गए। हादसे के वक्त मंदिर परिसर भवन में करीब 40 और आस-पास की तीनों बिल्डिंगों में करीब 200 लोग मौजूद थे। ऐसे में सबकी सांसें फूल गई। क्योंकि इन तीनों बिल्डिंगों में धमाके के दौरान तेज कंपन हुआ था और दरारें आ गई थी।

कहीं दूर से दर्शन, कहीं सड़क पर चढ़ाया जल

हजारों जयपुरवासियों के दिन की शुरुआत ताड़क बाबा के दर्शन से हाेती है। इसके बाद वे गोविंददेवजी मंदिर की झांकी दर्शन करे चांदपोल हनुमान मंदिर धोक लगाते हैं। इसके बाद भोजन करते हैं। ऐसे में किसी ने दूर से दर्शन किए। किसी ने सड़क पर ही जल चढ़ाया। गोविंदराव-जी का रास्ता निवासी राजेश पालीवाल ने महादेव के दर्शन नहीं होने पर व्रत रखा।
  • चौड़ा रास्ता के व्यवसायी रजनीश गुप्ता बोले- 26 साल से नियमित जल अर्पित करता हूंं। यह पहला मौका है जब जल नहीं चढ़ाया।
  • ताड़केश्वर महादेव मंदिर में धार्मिक आयोजन करने वाली संस्था शिव समाज नवयुवक मंडल के अध्यक्ष संजय मामा बोले- मैं जयपुर मैं हूं तो बिना ताड़क बाबा के दर्शन किए भोजन नहीं करता। घटना से क्षुब्ध हूं।
मकान मालिक ने लीकेज की बात कही, मैंने रेग्यूलेटर चेक किया, बंद था इसलिए सो गया

एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती लालसोट निवासी राजेश कुमार ने बताया कि वह भतीजे अभिषेक के साथ मंदिर में ही रहते हैं। दोनों मंदिर व बाहर मजदूरी करते हैं।- सुबह 6.40 बजे मकान मालिक ने बताया कि तुम्हारे कमरे में गैस लीकेज हो रही है। मैं उठा और देखने पर गैस का रेग्यूलेटर बंद था। इसके बाद मैं सो गया। उसके बाद में क्या हुआ मुझे इसकी जानकारी नहीं है।

गैस की गंध महसूस होने पर मैंने पहले राजेश व भाभी को सिलेंडर संभालने को कहा था

बड़े भाई गोविंद दोनों भतीजियों के साथ दूसरे कमरे में सो रहे थे। मैं बाथरूम जाने के लिए उठा तो गैस की गंध आई। इस पर मैंने राजेश से अपना सिलेंडर संभालने के लिए कहा। राजेश ने कुछ देर बाद कहा कि उनका सिलेंडर ठीक है। इसके बाद मैंने भाभी मंजू को सिलेंडर देखने के लिए कहा और बाथरूम चला गया। कुछ ही पल बाद तेज धमाका हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी मानो कहीं बम फट गया हो।




जयपुर: मां के शव को देख बेसुध हो गई बेटियां।
हादसे के बाद ताड़क बाबा मंदिर के गेट बंद रहे।



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