इंदौर (नीता सिसौदिया).जिस एमआर टीबी हॉस्पिटल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का उपचार किया जा रहा है, वहां व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। यहां भर्ती 14 व 18 साल की संक्रमित बच्चियों ने भास्कर को बताया अस्पताल का हाल :मेरी उम्र 18 साल है, छोटी बहन 14 साल की है। पिता को संक्रमण था, इसलिए हमारी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। हमें सीएचएल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टर ने कहा कि जल्दी ठीक हो जाओगे। लेकिन रात में हमें टीबी अस्पताल ले आए। यहां डॉक्टरों का व्यवहार ठीक नहीं है। बेड शीट भी गंदी दी। गंदी ट्रे में खाना दिया। सीएचएल में हमारी रिकवरी तेजी से हो रही थी, यहां और बीमार हो जाएंगे।
यहां का वॉशरूम भी बहुत गंदा है। इस बीमारी से हमें बिलकुल भी डर नहीं लगता। जब हम अस्पताल में पहली बार गए थे तभी डॉक्टर ने बोला था कि डरने की कोई बात नहीं है, तुम बहुत जल्दी ठीक हो जाओगे। लेकिन यहां तो सुबह से कोई नहीं आया। सैंपल भी नहीं लिया गया।’
एक मरीज बोले- यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही
पेशे से वकील एक और मरीज को सोमवार को यहां भर्ती किया गया। अस्पताल की बदहाली से परेशान मरीज ने बताया कि यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कोई देखने नहीं आया। इलाज ठीक से नहीं मिल रहा। मुझे सांस लेने में बहुत परेशानी है, लेकिन देखने वाला कोई नहीं है।
Utar Pradesh

Post a Comment