जयपुर.प्रदेश में कोरोना के केस बढ़ने की रफ्तार दोगुनी हो गई है। यदि काेरोना के केस ऐसे ही बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में वेंटीलेटर और आईसीयू बेड की कमी हो सकती है। ऐसे में प्रदेश में प्रति 10 हजार लोगों पर 2 वेंटिलेटर व 2 आईसीयू बैड की जरूरत होगी। अभी प्रदेश में सिर्फ 1450 वेंटीलेटर हैं, जिनमें 740 निजी अस्पतालों और680 मेडिकल कॉलेज व सरकारी अस्पतालों में हैं। इस हिसाब से 14 हजार आईसीयू बैड और करीब 10 हजार वेंटिलेटर की जरूरत होगी। इसी कमी को दूर करने के लिए अब प्रदेशभर के अस्पतालों के लिए वेंटीलेटर की खरीद की जाएगी।
रैपिड टेस्टिंग किट से जल्द मिलेगी रिपोर्ट, आधुनिक वेंटीलेटर खरीदे जाएंगे
चिकित्सा मंत्री बोले- सीएम गहलोत ने बिना किसी टेंडर के तुरंत खरीद करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में ऐसे वेंटीलेटर भी लाए जा सकते हैं जिनसे 3-4 मरीजों को एक साथ जोड़ा जा सकता है। एक कंपनी से बात चल रही है। कम समय में जांच के लिए रैपिड टेस्टिंग किट इस्तेमाल करेंगे। इस किट को अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने एप्रूव किया है। इससे जल्दी रिपोर्ट मिलेगी।
जयपुर में रोज 400 जांच, 1300 तक कर सकते हैं
अभी एसएमएस में रोज 300 से 400 कोरोना जांच हो रही हैं। इसे 1300 से 1500 जांच प्रतिदिन किया जा सकता है। इसके अलावा महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भी 500-1000 जांचें की जा सकती हैंै। महात्मा गांधी लैब में जांच के लिए आईसीएमआर से शीघ्र अनुमति के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को आग्रह किया है। इसके अलावा प्रदेश में 2 से ढाई हजार जांच की सुविधा अभी उपलब्ध है।
एडवाइजरी : बुजुर्गों के साथ बच्चे रखें डिस्टेंसिंग
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि बच्चे भी कुछ दिन दादा-दादी, नाना-नानी और बुजुर्गों से थोड़ी दूरी बनाए रखें।उन्होंने कहा कि इस बात का प्रचार गांवों में भी सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के जरिए किया जाए। और यह महज सावधानी के तौर पर किया जा रहा है।

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