रांची .कोरोना वायरस से लड़ाई में जेल में बंद सजाफ्ता कैदियों ने भी अपना योगदान देना शुरू कर दिया है। जेल प्रशासन की पहल पर राज्य के जेलों में बड़े पैमाने पर मास्क तैयार कर इसकी आपूर्ति भी की जा रही है। फिलहाल राज्य के 10 जेलों में मास्क निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। खास बात यह है कि जेल प्रशासन बिना शुल्क के 10 हजार मास्क रिम्स प्रशासन और अलग-अलग जिलों की पुलिस को दे चुका है। जेल प्रशासन की ओर से राज्य के पांच सेंट्रल जेल रांची, हजारीबाग, दुमका, पलामू और घाघीडीह जमशेदपुर में सबसे पहले मास्क का उत्पादन शुरू किया गया। इसके बाद प्रस्तावित सेंट्रल जेल देवघर और गिरिडीह में फिर खूंटी, गुमला और सिमडेगा जेल में मास्क निर्माण होने लगा। वर्तमान में राज्य के 10 जेलों में मास्क का उत्पादन चल रहा है। राज्य में कुल 29 जेल हैं, जिनमें एक ओपन जेल हजारीबाग में भी है।

सबसे पहले रिम्स को दिया जाएगा सेनिटाइजर

अब जेल प्रशासन ने तीन जिलों में सेनिटाइजर बनाने का भी काम शुरू करने की योजना बनाई है। यह उत्पादन बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा रांची, जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग एवं खूंटी जेल में जल्द शुरू किया जाएगा। जेल आईजी शशि रंजन ने इस संबंध में बताया कि सेनिटाइजर के लिए रॉ मैटेरियल उपलब्ध हो गया है। इसलिए जल्द ही तीन जेलों में सेनिटाइजर बनाने का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे पहले इसकी आपूर्ति रिम्स को इसके बाद पुलिस विभाग को की जाएगी। उन्होंने बताया कि कम लागत पर सेनिटाइजर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया मास्क को काफी प्रोत्साहन मिल रहा है। आने वाले दिनों में इसे आम जनता के बीच भी आपूर्ति की जा सकेगी।

टेस्टेड हैं जेलों में तैयार किए जा रहे मास्क

राज्य के 29 में से 10 जेलों में बड़े पैमाने पर मास्क का उत्पादन शुरू किया गया है। जबकि तीन जेलों में जल्द ही सेनिटाइजर का निर्माण शुरू किया जाएगा। जेल प्रशासन द्वारा रिम्स और पुलिस को अब तक 10 हजार मास्क नि:शुल्क सौंपे गए हैं। जो मास्क तैयार किए जा रहे हैं वह टेस्टेड हैं। -शशि रंजन, आईजी जेल, झारखंड

मास्क व सेनिटाइजर बनाने के साथ भूखों को करा रहीं भोजन

कोरोना के खिलाफ जंग में ग्रामीण विकास विभाग के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी संपोषित सखी मंडल की महिला हर मोर्चे पर अपना योगदान दे रही हैं। सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण महिलाएं मास्क और सेनिटीजर निर्माण के साथ अति गरीब जनजाति परिवारों को चावल उपलब्ध कराने से लेकर भूखे लोगों को खाना खिलाने तक की जिम्मेवारी उठा रही हैं।

सोसाइटी के अनुसार पलामू जिले की सखी मंडल की महिलाओं ने करीब 21000 मास्क एवं 6500 हैंड सेनिटाइजर का उत्पादन किया है, वहीं पूरे राज्य में अब तक 75000 से ज्यादा मास्क एवं करीब 25,000 बोतल सेनिटाइजर का निर्माण कर चुकी हैं। गिरिडीह की जिला इकाईं द्वारा जिले के सारे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को नि:शुल्क 5 लीटर सेनिटाइजर एवं 200 मास्क उपलब्ध कराया गया है। राज्य भर के हजारों सखी मंडल अपने गांव के आस-पास के अति गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराकर मदद कर रहे हैं। वहीं हजारीबाग, सिमडेगा, बोकारो, जामताड़ा, पाकुड़ समेत दर्जनों जिलों में सखी मंडल की महिलाएं गरीब एवं राहगीर परिवारों को भोजन बनाकर खिला रही है ताकि ऐसे विषम हालात में की भूखा ना रहे। आपदा की इस घड़ी में सखी मंडल की बहनें दाल भात कैंटीन का भी संचालन कर रही हैं ताकि जरुरतमंद लोगों को भरपेट भोजन मिल सके।



जेल प्रशासन ने तीन जिलों में सेनिटाइजर बनाने का भी काम शुरू करने की योजना बनाई है।


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