आश्रम चौक पर महावीर मंदिर परिसर में नवनिर्मित मंदिर में महाशिवरात्रि पर शुक्रवार को मंत्रोच्चार के बीच जगदीश्वर महादेव शिवलिंग की स्थापना की गई।
मंदिर में माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और भैरव की प्रतिमा में भी प्राण-प्रतिष्ठा की गई। प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व करीब चार घंटे तक काशी और बनारस से पहुंचे विद्वानों ने मंत्रोच्चार करते रहे। शिवलिंग स्थापना के बाद उस पर जलाभिषेक, दूधाभिषेक भी विधि-विधान के साथ किया गया। मंदिर के निर्माणकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता सह एनडीए नेता अजय झा ने बताया कि आमलोगों की आशा के अुनरूप महाशिवरात्रि में प्राण- प्रतिष्ठा का कार्यक्रम किया गया। प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व कलश यात्रा, दो दिनों तक बेनी पुजन के बाद प्रतिमा का नगर भ्रमण कराया गया। नगर भ्रमण के बाद प्रतिमा में प्राण-प्रतिष्ठा की गई। गुरुवार की रात बनारस व काशी के विद्वानों ने शिव की महिमा पर व्याख्यान देकर लोगों को लाभान्वित किया।
दो घंटे तक चले प्रवचन के दौरान महादेव, मां पार्वती, गणेश जी की महिमा को विस्तार से सुनाया। विद्वानों ने बताया कि ईश्वर हर एक मनुष्य के अंदर है। लेकिन मनुष्य अपने अंदर के ईश्वरत्व को नहीं पहचान पा रहे हैं, क्योंकि उनके अंदर अंधकार है। जब तक मनुष्य के अंदर से अंधकार नही मिटेगा तब तक कोई अपने अंदर के ईश्वरत्व को पहचान नहीं पाएगा।
महाशिवरात्रि पर शुक्रवार को शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु।

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