नई दिल्ली | बैंक फ्रॉड के शिकार हुए एनडीएमसी कर्मचारी बहुत परेशान हैं। वह पुलिस से लेकर बैंक तक के चक्कर लगा रहे हैं कि किसी तरह उनकी कमाई का पैसा वापस आ जाए। इसके लिए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने से लेकर बैंक में शिकायत तक दे रहे हैं। कर्मचारी इस बात को लेकर परेशान हैं कि उनके खाते से गया पैसा वापस आएगा भी या नहीं। इस मामले एक्सपर्ट का कहना है कि एटीएम कार्ड क्लोन होने की इसमें ज्यादा संभावना है। ऐसे में जिस भी कर्मचारी को संदेह लगे वह पुराना कार्ड बंद करके नया ले ले, तभी वह सुरक्षित है। फ्रॉड के शिकार हुए कर्मचारियों में मौजूदा और पूर्व दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं।

पीड़ित कर्मचारियों का दर्द : किसी के 40 हजार तो किसी के निकले 50 हजार रुपए

केस 1 :एनडीएमसी से रिटायर अशोक बत्रा जिनकी पेंशन उनके बैंक अकाउंट में आती है, 40 हजार रुपए एटीएम से निकाल लिए गए। बत्रा ने कहा कि 4 फरवरी को चेन्नई के एटीएम से रुपए निकाले गए। इसके बाद मैंने इसकी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई है।

केस 2 :एनडीएमसी के सिविल डिपार्टमेंट में काम करने वाली बदरपुर की मसीरा के 6 बार में 50 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके बारे में उन्हें फोन पर मैसेज आने के बाद पता चला। मसीरा ने कहा कि मुझे समझ ही नहीं आया कि पैसे किसने निकाल लिए।

केस 3 : एनडीएमसी में सेक्शन ऑफिसर पवन कुमार के खाते से भी 50 हजार रुपए निकाल लिए गए। उनके खाते से 6 फरवरी को यह रुपए निकाले गए। पवन ने कहा कि चुनाव में डयूटी लगी हुई थी लगा कि चुनाव कार्यालय से मैसेज आ रहे होंगे। जब फोन पर ध्यान गया तो बैंक अकाउंट से पैसे निकाले जाने का मैसेज था।

केस 4 :एनडीएमसी में रेगुलर मस्टरोल के तौर पर काम करने वाले किशोर सिंह ने कहा कि उसके खाते से गुरुवार को 2500 रुपए अचानक निकल गए। सिंह ने कहा कि उसके खाते में थे ही 2568 रुपए। यहां ऐसी चर्चा चल रही थी कि खाते से पैसे निकल रहे हैं। इसलिए मैंने पहले ही ज्यादातर पैसे निकाल लिए थे। छोटे-छोटे बिल भरने के लिए थोड़े पैसे छोड़े थे, वह भी निकल गए। शुक्र है मेरा ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। मैंने इसकी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई है।

संभावना है कि एटीएम कार्ड क्लोन कर लिए गए होंं
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अशोक बत्रा और मसीरा ।


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