महाराष्ट्र मंडल के तत्वावधान में पारिजात कॉलोनी नेहरू नगर में संत गजानन महाराज का प्रगटोत्सव मनाया जा रहा है। उत्सव के चौथे दिन शनिवार को संत गजानन मंदिर में सुबह से दुग्धाभिषेक के साथ नवग्रह शांति यज्ञ हुआ।
दोपहर 12 बजे महाआरती के बाद 1 बजे से भंडारा शुरु हुआ। इसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। हर वर्ष की तरह इस साल भी संत गजानन महाराज का प्रकटोत्सव श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुबह-शाम पूजा सहित अन्य आयोजनों में शामिल होने शहर के अनेक लोग पहुंच रहे हैं।
उत्सव के पहले दिन वायलिन और सितार की जुगलबंदी हुई। दूसरे दिन कीर्तन और तीसरे दिन भजन स्मरण के साथ शाम के समय पालकी यात्रा निकाली गई। उत्सव के चौथे दिन सुबह गजानन महाराज की प्रतिमा का मंत्रोच्चार के साथ दुग्धाभिषेक किया गया। इसके बाद हवन शुरू हुआ, लोगों ने मंत्रोच्चार के साथ हवन किया। श्रृंगार के बाद महाआरती की गई। दोपहर में 1 बजे से भंडारा शुरु हुआ, इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
दोपहर के समय महाआरती के दौरान संत गजानन के दर्शन के करने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। वहीं मंदिर में शाम को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष मोहन देवपुजारी, सचिव गजानन फडके, कोषाध्यक्ष डॉ. विवेक दांडेकर, उपाध्यक्ष मोहन होनप व साधना चिंचोलकर, सहसचिव सुरभि खनगन, गजानन पेंड़ारकर, डॉ. सचिन काले आदि मौजूद रहे।
उत्सव का समापन आज
इस प्रगट उत्सव का समापन रविवार को शाम 7:30 बजे गोंधल कार्यक्रम के साथ होगा। महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारियों ने समापन कार्यक्रम में लोगों से अधिक संख्या में उपस्थित होने कहा है।
महाप्रसाद भाजी-भाकर बैठाकर खिलाया
कार्यक्रम के समापन अवसर पर हवन सहित विभिन्न कार्यक्रम हुए। संत श्री गजानन महाराज के दर्शन करने आने वाले सभी लोगों को महाप्रसाद भाजी-भाकर बैठाकर खिलाया गया। लोगों ने परिवार के साथ भाजी-भाकर प्रसाद ग्रहण किया। मंडल पदाधिकारियों सहित अन्य लोगों ने प्रसाद परोसा।
पारिजात कॉलोनी नेहरू नगर स्थित संत गजानन मंदिर में महाआरती के दौरान उपस्थित श्रद्धालु।


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