सीकर.दिल्ली में सीएए को लेकर चल रहे प्रदर्शन में सोमवार को हुई हिंसा और पथराव में जान गंवाने वाले दिल्ली पुलिस के हैड कांस्टेबल रतनलाल को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि दी। इधर, हैड कांस्टेबल रतनलाल की 70 वर्षीय मां दो दिन बाद भी इस बात से अंजान है कि उनका बेटा नहीं रहा। जबकि गांव में सन्नाटा पसरा हुआ तो ग्रामीण बेटे के लिए धरने पर बैठे हैं।

रतनलाल के रिश्तेदार डॉ. हेमबारी ने बताया कि परिजन शव लेकर दिल्ली से रवाना हाे गए हैं। रतनलाल का अंतिम संस्कार बुधवार काे पैतृक गांव तिहावली में किया जाएगा। हैड कांस्टेबल रतनलाल ने 22 फरवरी को परिवार के साथ दिल्ली में विवाह की वर्षगांठ मनाई। दिल्ली में रतनलाल की पत्नी पूनम बार-बार बेसुध हो रही हैं। वे पति के आने के बाद ही खाना खाने की जिद पर अड़ी हुई हैं।

गृहमंत्री ने भेजा शोक संदेश-आपके बहादुर पति समर्पित पुलिसकर्मी थे

रतनलाल को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर धरना देते लोग।

गृह मंत्री अमित शाह ने हैड कांस्टेबल रतनलाल की पत्नी को शोक संदेश भेजा और कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में बहादुर पुलिसकर्मी के परिवार के साथ है। उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। आपके बहादुर पति समर्पित पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने कठिन चुनौतियों का सामना किया। सच्चे सिपाही की तरह उन्होंने इस देश की सेवा के लिए सर्वोच्च कुर्बानी दी। मैं ईश्वर से आपको इस दुख और असमय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।



कांस्टेबल रतनलाल को दिल्ली पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि दी, दूसरी तरफ बेटे की मौत से अनजान मां।
3 दिन पहले ही रतन लाल ने पत्नी और बच्चों के साथ शादी की शादी की वर्षगांठ मनाई थी।



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