महासमुंद (मनीष पाण्डेय) .वन विभाग ने हाथी प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में अलर्ट जारी करने के लिए नया सिस्टम तैयार किया है।
जिस तरह कारखानों में अलर्ट जारी करने के लिए सायरन बजता है, उसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों के आने से पहले ही गांव में हूटर बजेगा। वन विभाग ने इसे सजग नाम दिया है, जो एक तरह का मोबाइल एप्लीकेशन है। इसी के जरिए जिले के हाथी प्रभावित 50 गांव में अलर्ट जारी किया जाएगा। प्रयोग के तौर पर वन विभाग ने 7 गांव में इसे लगवाया है और इसका प्रयोग भी सफल रहा।
प्रारंभिक चरण में जिन सात गांवों में इस सिस्टम का सफल प्रयोग हो चुका है, उसमें पीढ़ी, गुडरुडीह, अछोली, अछोला, मोहकम, लहंगर, कुकराडीह और भोरिंग शामिल हैं। महासमुंद में सफल प्रयोग के बाद अब यही सिस्टम प्रदेश के 10 जिलों के हाथी प्रभावित गांव में भी लगाया जाएगा।
महासमुंद डीएफओ मयंक पाण्डेय ने हाल ही में उच्च अधिकारियों को इस सिस्टम के बारे में प्रजेंटेशन दिया। इसे प्रारंभिक रूप से स्वीकृति भी मिल गई है।
क्योंकि इसकी लागत काफी कम है। इसके पहले हाथियों से संबंधित अलर्ट जारी करने के लिए वन विभाग संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को हाथियों की मूवमेंट औरलोकेशन वाट्सएप पर साझा करता था। साथ ही इन गांव में हाथियों के आने से पहले मुनादी कराई जाती थी। इसमें एक बड़ी समस्या यह थी कि जो ग्रामीण वाट्सएप मैसेज देख पाते थे।
उन्हें ही हाथियों के बारे में जानकारी मिलती थी, जो देख नहीं पाते या जिनके पास एंड्रायड मोबाइल न हो उन्हें हाथियों के बारे में पता ही नहीं चलता था। साथ ही मुनादी के दौरान कई बार ग्रामीण इसे सुन नहीं पाते थे। यही कारण है कि वन विभाग ने इसके लिए नया सिस्टम तैयार किया है।
दो बार बजेगा हूटर
डीएफओ मयंक पाण्डेय ने बताया कि वन विभाग ने सजग नामक मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है, जो प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है। इसे क्यूआर कोड के जरिए एक्सेस किया जाएगा, जो केवल विभाग अधिकारियों और कर्मचारियों के पास होगा। डीएफओ की मानें तो हाथियों की लोकेशन हमें लगातार मिलती है। जब भी हाथी ग्रामीण क्षेत्र की ओर बढ़ेंगे, हम उनकी लोेकेशन के आधार पर संबंधित गांव में मोबाइल के जरिए एक क्लिक से हूटर बजा सकते हैं। हाथियों की दूरी जब गांव से 2से 4 किमी की होगी तो पहला अलर्ट जारी किया जाएगा, जो 20 सेकंड का होगा। जब हाथियों की गांव से दूरी 2 किमी से कम रह जाएगी तो दूसरा अलर्ट जारी किया जाएगा। इस दौरान 40 सेकंड तक हूटर बजेगा। इस सिस्टम की सबसे बड़ी बात यह है कि विश्व के किसी भी कोने में रहकर भी गांव में हाथियों से संबंधित अलर्ट जारी किया जा सकता है।
एक सिस्टम की लागत 10-12हजार, बिजली बंद हुई तो भी पता चलेगा
हर गांव में लगने वाले इस सिस्टम की लागत केवल 10- 12 हजार रुपए है, जो सिर्फ एक ही बार खर्च करना पड़ेगा। वहीं सिस्टम में सालाना 1536 रुपए का रिचार्ज कराना होगा। यह सिस्टम बिजली से कनेक्टेड होगा। ऐसे में यदि संबंधित गांव में बिजली बंद रही तो भी विभाग को इसकी जानकारी पहुंच जाएगी। हालांकि जिन गांव में इस तरह की परेशानी है, वहां सोलर प्लेट लगाने की योजना है, ताकि इस तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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