स्थानीय प्रखण्ड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय परिसर में आम लोगों का बना शौचालय रूम प्रखण्ड का स्टोर व कचरा रूम बना हुआ है। जिसमें अंचल के आरटीपीएस के बेस्ट किये गए जाति, आय, आवासीय सहित अन्य कार्यो को किये गए प्रमाणपत्र की ऑनलाइन मिलने वाली रिसिविंग से शौचालय में रखा गया है। जिससे प्रखण्ड सह अंचल में आने जाने वाले लोग खुले में शौच करने को विवश है । जबकि प्रखण्ड तीन महीने पहले ही ओडीएफ किया जा चुका है। बता दें की लोहिया स्वच्छ विहार अभियान के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर शौचालय बनाने और स्वच्छता के सरकार द्वारा खर्च किया जाता है ।वही प्रखण्ड मुख्यालय में बने शौचालय में रखा कचरा स्वच्छता का दर्शाता है । खासकर जो महिलाएं प्रखण्ड मुख्यालय दूर दराज इलाके से अपने काम के वास्ते आती है उन्हें मजबूरी में कहि जगह देखकर खुले शौच करने पड़ता है। इस आशय की जानकारी के बारे में पूछे जाने पर प्रभारी अंचलाधिकारी अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि हमें मालूम नही है कि शौचालय को कचरा रूम बनाया गया है। यह प्रखण्ड की व्यवस्था का देखने का काम बीडीओ को है।
स्थानीय प्रखण्ड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय परिसर में आम लोगों का बना शौचालय रूम प्रखण्ड का स्टोर व कचरा रूम बना हुआ है। जिसमें अंचल के आरटीपीएस के बेस्ट किये गए जाति, आय, आवासीय सहित अन्य कार्यो को किये गए प्रमाणपत्र की ऑनलाइन मिलने वाली रिसिविंग से शौचालय में रखा गया है। जिससे प्रखण्ड सह अंचल में आने जाने वाले लोग खुले में शौच करने को विवश है । जबकि प्रखण्ड तीन महीने पहले ही ओडीएफ किया जा चुका है। बता दें की लोहिया स्वच्छ विहार अभियान के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर शौचालय बनाने और स्वच्छता के सरकार द्वारा खर्च किया जाता है ।वही प्रखण्ड मुख्यालय में बने शौचालय में रखा कचरा स्वच्छता का दर्शाता है । खासकर जो महिलाएं प्रखण्ड मुख्यालय दूर दराज इलाके से अपने काम के वास्ते आती है उन्हें मजबूरी में कहि जगह देखकर खुले शौच करने पड़ता है। इस आशय की जानकारी के बारे में पूछे जाने पर प्रभारी अंचलाधिकारी अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि हमें मालूम नही है कि शौचालय को कचरा रूम बनाया गया है। यह प्रखण्ड की व्यवस्था का देखने का काम बीडीओ को है।

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