भोपाल .ये है सीहोर नाके की ओर लगा बीआरटीएस कॉरिडाेर का एंट्री गेट। इस बोर्ड को गौर से देखिए, लिखा है- वेलकम टू बीआरटीएस...लेकिन जरा! संभलकर क्योंकि यहां हादसों का वेलकम है...खासकर रात के वक्त। आंकड़े भी इस सच को और पुख्ता करते हैं। बीते 3 सालों में यहां 29 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में करीब 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार बेफिक्र हैं। पिछले 4 दिन में ही यहां दो हादसे हो चुके हैं। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर घायल है। इस सबके बावजूद मजाल है कि कोई जिम्मेदार यहां झांकने भी गया हो। यह इसलिए भी कटुसत्य है कि यदि जिम्मेदारों ने यहां अपनी इच्छाशक्ति दिखाई होती तो शायद ये हादसे रुक गए होते।

इन हादसों को लेकर जब जिम्मेदारों से पूछा तो उनके बयान भी पहले की तरह ही अजीब थे। वे कहते हैं मौका मुआयना करेंगे। लेकिन सच तो यह है कि क्या तीन साल में 29 हादसों के बाद भी मौका मुआयना करने की जरूरत पड़नी चाहिए। साहब, अब तक तो समाधान हो जाना चाहिए था।

ये तस्वीर जिम्मेदारों के लिए... अब तो जाग जाइए...

अचानक रेलिंग से जा टकराई कार....शनिवार देर रात 2.30 बजे सीहोर नाके की ओर से संत हिरदाराम नगर में एक कार दाखिल होती है। यहां रिफ्लेक्टर, ब्रेकर सब गायब हैं। अचानक कार रेलिंग को तोड़ती हुई सड़क पर पलट गई। थाना प्रभारी शिवपाल सिंह कुशवाह ने बताया कि चूनाभट्टी निवासी विभु जंगले कार चला रहे थे। पुलिस को विभु ने बताया कि वह जैसे ही सीहोर नाके पहुंचा तो उसे सड़क पर कुछ समझ नहीं आया। इसके चलते उसकी गाड़ी अनियंत्रित हो गई और वह एकदम से बीआरटीएस की रेलिंग में जा घुसी और पलट गई। टीआई कुशवाह के मुताबिक विभु के पैरों में चोटें आईं है। इस संबंध में फिलहाल कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

हादसों की ये वजह...
  • सीहोर नाके पर कॉरिडोर का एंट्री गेट का एक पिलर डेढ़ साल से टूटा पड़ा है। यहां कभी रिफ्लेक्टर भी लगे थे, लेकिन अब सब गायब है...हादसों के लिए...।
  • 8 माह पहले बीआरटीएस के एंट्री गेट के ठीक पहले एक ब्रेकर बनाया गया था, जो कि बीच में उखड़ चुका है। इसी कारण वाहनों की रफ्तार कम नहीं हो पााती है।
आखिर कब तक...अंजान बने रहेंगे
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सीहोर नाके की ओर लगा बीआरटीएस कॉरिडाेर का एंट्री गेट से लगातार हो रहे है हादसे।
The entrance gate in the corridor has been broken for a year and a half, neither a reflector, nor a breaker ... In such a case, accidents have occurred repeatedly during the night


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