बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा चलाए जा रहे ‘नो पॉलिथीन अभियान’ में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। बृहस्पति बाजार में संचालित थैला बैंक के प्रति आम लोगों में सहज आकर्षण है, इसलिए बाजार पहुंचने वाले महिला, पुरुष थैले के लिए निरंतर संपर्क कर रहे हैं।

नगर पालिका निगम द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत उन्नति स्तरीय संगठन को थैला बैंक की जिम्मेदारी दी गई है, जहां पुराने कपड़े देने पर दो सिले हुए थैले मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

प्रतिबंधित पॉलिथीन का इस्तेमाल बंद कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान और दुकानों की जांच के बाद अब लोगों में पॉलिथीन के प्रति मोहभंग होने लगा है।

 लोग पारंपरिक कपड़े के थैले के प्रति आकृष्ट हो रहे हैं। 

थैला बैंक पहुंची मीना भास्कर ने कहा कि हफ्ते में वह दो बार बाजार आती हैं।

अब घर से पुराने कपड़े लाकर थैला ले जा रही हैं। और थैले का उपयोग सब्जी व अन्य सामान को लेने में कर रही हैं। मुमताज खान ने पहले घर में थैला नहीं था, लेकिन अब पुराने कपड़े देकर मुझे तुरंत थैला मिल गया। शिवकली वर्मा ने कहा कि इससे दो फायदे होंगे।

प्रतिबंधित पॉलिथीन का उपयोग बंद होगा और जिनके पास थैले नहीं हैं उन्हें थैले भी मिलेंगे।

 पिंकी कुशवाहा ने बताया कि पहले हम पुराने कपड़े दान कर देते थे या फिर फेंक देते थे। लेकिन अब इन्हीं से थैले मिलेंगे।

 चरन सिंह कुशवाहा ने कहा कि अब लोगों के घरों में पॉलीथिन की जगह सिर्फ कपड़े के थैले नजर आएंगे। रुखमणी और कामता गोस्वामी ने कहा कि इस अभियान का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को होना चाहिए।

बिलासपुर को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए निगम के साथ एक पहल

पुराने कपड़े देकर थैला लेने पहंुची महिलाएं।

लोग जागरूक हों

डिप्टी कमिश्नर खजांची कुम्हार ने बताया कि पॉलीथिन के उपयोग पूरी तरह बंद करने के लिए जगह-जगह दीवारों पर वॉल राइटिंग कराई जा रही है ताकि लोग जागरूक हों। साथ ही उन्हें कपड़े के थैले का उपयोग करने की सलाह भी दी जा रही है।



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