पटना.उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य की 1.76 लाख आंगनबाड़ी सेविकाओं के बाद अब सरकार ने सभी आशा को भी स्मार्ट फोन देने का निर्णय लिया है। पहले

आंगनबाड़ी सेविकाओं को 8.2 किलाेग्राम के 11 रजिस्टर रखने पड़ते थे, अब वे स्मार्ट फोन के जरिए डाटा संग्रह कर पूरक

पोषाहार, स्कूल पूर्व अनौपचारिक शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच आदि सेवाएं उपलब्ध करवाएंगी। अभी राज्य में निबंधित 1.43 करोड़ परिवारों के 1.25 करोड़ बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। वह गुरुवार को महिला और बाल विकास क्षेत्र के लोगों के साथ बजट पूर्व चर्चा कर रहे थे। इसमें स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी भाग लिया और अपनी बातें रखीं।

पूरक पोषाहार के लिए 664 करोड़

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर आंगनबाड़ी केंद्राें को पूरक पोषाहार पर राज्य व केंद्र सरकार द्वारा पहले से किए जा रहे खर्च के अलावा 664 करोड़ तथा प्रति लाभार्थी 3 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। बाल विवाह और दहेज उन्मूलन अभियान के तहत राज्य की हर पंचायत में पिछले महीने तक 3 किशोरी व एक किशोर के 31,929 समूहों का गठन कर लिया गया है। चर्चा में शामिल महिला हेल्पलाइन, यूनिसेफ, मिलिंडा एंड बिल गेट्स फाउंडेशन, जेंडर रिसोर्स सेंटर, ट्रिपल सी एनजीओ आदि के करीब दो दर्जन प्रतिभागियों ने अपने सुझाव दिए।

बाल विवाह मुक्त पंचायत की बन रही कार्ययोजना

बाल विवाह को लेकर सर्वाधिक संवेदनशील महादलित टोलों के किशोर-किशोरियों को इस अभियान की कमान सौंपी गई है। मोदी ने कहा कि बाल विवाह मुक्त पंचायत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए पीएफएमएस पोर्टल के जरिए तीन किस्तों में 5 हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है।

 उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)।

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