मंगलवार की शाम गड़हनी के गौरा गांव निवासी आरिफ की बाइक दुर्घटना में मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को सड़क जाम किया। उग्र ग्रामीण आरा-सासाराम स्टेट हाईवे पर सुबह में एकत्र हुए और अगिआंव-गड़हनी मोड़ पर मृतक की लाश रखकर जाम कर दिया।
जाम से मैट्रिक परीक्षार्थी, एंबुलेंस, इमर्जेंसी सेवाओं और बाइक को मुक्त रखा गया था।
जाम से सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी लाईन लग गई। यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
ग्रामीणों का नेतृत्व इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मंजिल ने किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एफआईआर और पोस्टमार्टम होने के बावजूद गरीब आरिफ के परिजनों को प्रशासन की ओर से कोई अनुदान नहीं मिला। मृतक के परिजन अत्यंत गरीब हैं।
उनके लिए इंदिरा आवास, जमीन, दस लाख रुपया मुआवजा और चार वर्षीय बेटी की पढ़ाई के लिए इंतजाम किया जाए।
प्रदर्शनकारियों में भाकपा माले के गड़हनी सचिव नवीन कुमार,राम छपित राम और इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष मुमताज अंसारी, राजद के प्रखंड अध्यक्ष रफी, प्रद्युम्न , सामाजिक आफताब, बबूल अंसारी, हरिचरण राम, रियाजुद्दीन, अनवर अंसारी, इबरार अंसारी, जहीरूद्दीन, अनुप शर्मा व अन्य शामिल थे |
दोपहर 4:30 बजे गड़हनी अंचलाधिकारी नंद किशोर ने मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए का चेक देकर जाम हटवाया।
युवक की मौत के बाद सड़क जाम करते नाराज लोग।

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