नई दिल्ली.मयूर विहार से पूर्व पार्षद सुरजीत सिंह और त्रिलोकपुरी सीट से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले विक्रम पिहवाल की लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई।
फॉर्च्यूनर कार से दिल्ली वापस आर रहे थे, इसी बीच रास्ते में एक वॉल्वो बस ने जोरदार टक्कर मार दी।
कार में कुल 5 लोग सवार थे। मरने वालों में ड्राइवर सन्नी खत्री और सुरजीत के तीन दोस्त विक्रम पिव्हाल, मुकेश ठाकुर व रमाशंकर शामिल हैं। हादसा इतना जोरदार था कि सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
मरने वालों में टक्कर मारने वाली वोल्वो बस का ड्राइवर भी शामिल है। सुरजीत सिंह पहले बहुजन समाज पार्टी के नेता थे।
उन्होंने 2017 में दिल्ली नगर निकाय चुनाव के लिए बसपा का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था।
सुरजीत सिंह ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं न मिलने पर पटपड़गंज सीट से मनीष सिसोदिया के खिलाफ निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था।
हालांकि इस चुनाव में वह बुरी तरह हार गए थे और उनकी जमानत तक जब्त हो गई थी।
मयूर विहार के चिल्ला गांव में पसरा मौत का मातम
25 फरवरी को ही पूर्व पार्षद सुरजीत के छोटे भाई संदीप की शादी होनी है।
लेकिन इस घटना की जैसे ही खबर मयूर विहार के चिल्ला गांव पहुंची, वहां एकदम से मातम पसर गया।
गांव में रहने वाले लोग बताते हैं यह 28 फरवरी को सुरजीत और उनके पिता द्वारा स्थापित साई मंदिर का स्थापना दिवस है।
इस कार्यक्रम के लिए बकायदा कार्ड भी बांटे जा रहे थे।
सुरजीत के परिवार में मां, तीन छोटे भाई हैं।
उन्होंने 2 शादियां की थीं। पहली पत्नी से उनका एक बेटा है।
जबकि दूसरी पत्नी मन्नू अपार्टमेंट मयूर विहार में तीन बच्चों के साथ रहती है।
पांचों मृतक एक दूसरे के थे काफी करीबी
सुरजीत का ड्राइवर सनी बचपन से ही उनके साथ जुड़ा हुआ था। वहीं दूसरी तरफ विक्रम पिव्हाल मूलरूप से बहादुरगढ़ हरियाणा के रहने वाले थे। यहां वह परिवार के साथ डीडीए जनता फ्लैट चिल्ला एरिया में रहते थे। वहीं आचार्य निकेतन मयूर विहार निवासी मुकेश कड़कड़डूमा कोर्ट में नौकरी करते थे। वसंुधरा एंक्लेव में पान की दुकान करने वाले रमाशंकर भी परिवार के साथ डीडीए जनता फ्लैट में रहते थे।

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