पटना.पंजाब की ओर से आए पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उठे एंटी साइक्लोन के बिहार में मिलने से मंगलवार को पटना समेत सूबे के कई जिलों में बारिश हुई। मोतिहारी में ओलाबारी से पटना आने वाली सड़क बर्फ से ढंक गई। ठनका गिरने से सूबे में 11 लोगों की मौत हो गई। मुंगेर में तीन, गोपालगंज में दो, औरंगाबाद, सारण, आरा, बांका, समस्तीपुर और भागलपुर में एक-एक की जान चली गई।
रबी, केला, तंबाकू को क्षति
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक फरवरी के महीने में बारिश और ओलावृष्टि से रबी, दलहन, तेलहन, केला, तंबाकू आदि फसलों को अच्छा खासा नुकसान हुआ। खेत में लगी फसलों को ज्यादा क्षति पहुंची है।
आज भी बारिश, कल से मौसम साफ
पूर्वानुमान है कि बुधवार को भी मौैसम साफ नहीं होगा। कहीं-कहीं बारिश की उम्मीद है। गुरुवार से मौसम साफ होने की संभावना है। पटना में 13.5 एमएम बारिश दर्ज की गई जो छह साल बाद फरवरी माह में सबसे अधिक है। इससे पहले 15 फरवरी 2014 को 17.9 एमएम बारिश हुई थी।
चंपारण में ही ओलावृष्टि क्यों
जब वातावरण ठंडा रहता है और नीचे से नमी रहती है तो कहीं-कहीं ओलावृष्टि होती है। इसका एरिया 10-15 किमी होता है। चंपारण में नमी की मात्रा ज्यादा बढ़ गई। इस वजह से ओलावृष्टि हुई।

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